रविवार, 17 फ़रवरी 2013

Main yaheen hoon...



Main yaheen hoon.....

मैं यहीं हूँ  तुम्हारे साथ तुम्हारे पास 
मेरे जाने का गम न करना 

जो भी रिश्ता था हमारा 

उनकी यादों को कम न करना 
हंस देना कभी 
उस शरारत को याद कर 
मुस्कुरा देना कभी 
वो पहली बार तुम्हे कहने और न कहने की घबराहट पर 
कभी अगर आँखें नम  हो 
तो ख़ामोशी  में दफ़न कर मुझे याद करना 

मैं यहीं हूँ तुम्हारे साथ तुम्हारे पास 

मेरे जाने का गम न करना 

कभी अपनी आँखों को बंद कर 

बाहों को खुले आसमान में फैलाये 
अपनी हाथों की  छोटी नरम उँगलियों से 
मुझे हवाओं में महसूस करना 
मैं यहीं हूँ तुम्हारे साथ तुम्हारे पास 
मेरे जाने का गम न करना 
मेरे जाने का गम न करना 



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