गुरुवार, 15 मार्च 2012

Mann Mara re.......(killing of wishes)

मन मारा रे .......


मन मारा, मन मारा रे
मन मारा , मन मारा रे
कई बार, हर बार मारा रे
मन मारा . मन मारा रे


मैंने तो सुनी सबकी
मेरे मन की कोई न जाना रे
मन मारा , मन मारा रे



जिंदा हूँ मौत को लिए
चल रहा रात को लिए
जिन राहों पे
उन राहों में ही
हूँ हारा रे


मन मारा , मन  मारा रे
कई बार, हर बार है मारा रे
मन मारा, मन मारा रे


खुशियाँ है बस तेरी याद
बाक़ी ज़िन्दगी है बर्बाद
कही थी जो मैंने भी चिलाकर
मन की अपनी बात
न तुने जाना,
न जग ये माना रे


मन मारा , मन मारा रे
मन मारा, मन मारा रे
कई बार, हर बार मारा रे











बुधवार, 7 मार्च 2012

aag aur andhera.........(fire and night)

आग और अँधेरा 

धीमे पांव से
बेशोर सी
बूंदों की आहटों में आना


तेरी यादों में जले
धुंए से भरे
मेरे घर को भुजाना


धीमी हवाओं से
एक छोर सी
पत्तो की सरसराहट में आना

ख़ाक हुए तेरे सपनो को
राख हुए मेरे घर को
धीमे से उड़ा ले जाना


मिल जाऊ जो मैं  भी कहीं
उन यादों की राख में
ले मुझे किसी तट पर
बहा देना

धीमे पांव से बेशोर सी आना .......