शुक्रवार, 21 दिसंबर 2012
मंगलवार, 18 सितंबर 2012
AGAR MAIN JANTA....
Agar Main Janta ki jindagi ek baar milti hai
to har roz jeeta main
Agar main Janta ki maut ke par bhi ek jindagi hai
to maut se na darta main
agar main janta ki tum meri aankhen padh sakti ho
to itni bak bak na karta main
agar main janta ki ye ehsaas tumhe bhi hai
to tumhari bhi aankhon ko padta main
par afsosh kahin tumhe jankar bhi
tumse anjaan tha main.......
गुरुवार, 15 मार्च 2012
Mann Mara re.......(killing of wishes)
मन मारा रे .......
मन मारा, मन मारा रे
मन मारा , मन मारा रे
कई बार, हर बार मारा रे
मन मारा . मन मारा रे
मैंने तो सुनी सबकी
मेरे मन की कोई न जाना रे
मन मारा , मन मारा रे
जिंदा हूँ मौत को लिए
चल रहा रात को लिए
जिन राहों पे
उन राहों में ही
हूँ हारा रे
मन मारा , मन मारा रे
कई बार, हर बार है मारा रे
मन मारा, मन मारा रे
खुशियाँ है बस तेरी याद
बाक़ी ज़िन्दगी है बर्बाद
कही थी जो मैंने भी चिलाकर
मन की अपनी बात
न तुने जाना,
न जग ये माना रे
मन मारा , मन मारा रे
मन मारा, मन मारा रे
कई बार, हर बार मारा रे
स्थान:
Ludhiana, Punjab, India
बुधवार, 7 मार्च 2012
aag aur andhera.........(fire and night)
आग और अँधेरा
धीमे पांव से
बेशोर सी
बूंदों की आहटों में आना
तेरी यादों में जले
धुंए से भरे
मेरे घर को भुजाना
धीमी हवाओं से
एक छोर सी
पत्तो की सरसराहट में आना
ख़ाक हुए तेरे सपनो को
राख हुए मेरे घर को
धीमे से उड़ा ले जाना
मिल जाऊ जो मैं भी कहीं
उन यादों की राख में
ले मुझे किसी तट पर
बहा देना
धीमे पांव से बेशोर सी आना .......
धीमे पांव से
बेशोर सी
बूंदों की आहटों में आना
तेरी यादों में जले
धुंए से भरे
मेरे घर को भुजाना
धीमी हवाओं से
एक छोर सी
पत्तो की सरसराहट में आना
ख़ाक हुए तेरे सपनो को
राख हुए मेरे घर को
धीमे से उड़ा ले जाना
मिल जाऊ जो मैं भी कहीं
उन यादों की राख में
ले मुझे किसी तट पर
बहा देना
धीमे पांव से बेशोर सी आना .......
मंगलवार, 21 फ़रवरी 2012
accha lagta hai........my new composition.
कहता हूँ आज भी यही
मुझे तुमसे-तुमसे प्यार है
रहता हूँ आज भी वहीं
तेरा बस तेरा इंतज़ार है
बस छु लो इन हाथों को
कहदो इन आँखों से
बस इतनी सी जो बात
अच्छा लगता है
मुझे तेरा -तेरा साथ
अच्छा लगता है
सोचता हूँ आज भी यही
तू कहाँ चली है गयी
घूमता आज भी वहीं
ढूँढता तेरी ही गली
फिर से तू जो है मिली
छु लो इन होठों से
लिख दो इन हाथों से
बस इतनी जो बात
अच्छा लगता है
मुझे तेरा -तेरा साथ
अच्छा लगता है
कैसी है बबासी ये
कैसा है करार
मुझे तुमसे बस तुमसे है प्यार
कैसी ये आस है
कैसी है ये प्यास
मुझे हर पल तेरा ही
तेरा है एहसास
छु लो इन हाथों को
कह दो इन साँसों को
बस इतनी जो बात
अच्छा लगता है
मुझे तेरा -हाँ तेरा साथ
अच्छा लगता है
लेबल:
Achaa Lagta Hai
स्थान:
Ludhiana, Punjab, India
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