मंगलवार, 21 फ़रवरी 2012

accha lagta hai........my new composition.



अच्छा लगता है

कहता हूँ आज भी यही
मुझे तुमसे-तुमसे प्यार है

रहता हूँ आज भी वहीं
तेरा बस तेरा इंतज़ार है
बस छु लो इन हाथों को
कहदो इन आँखों से

बस इतनी सी जो बात
अच्छा लगता है
मुझे तेरा -तेरा साथ
अच्छा लगता है

सोचता हूँ आज भी यही
तू कहाँ चली है गयी
घूमता आज भी वहीं
ढूँढता तेरी ही गली
फिर से तू जो है मिली


छु लो इन होठों से
लिख दो इन हाथों से


बस इतनी जो बात
अच्छा लगता है
मुझे तेरा -तेरा साथ
अच्छा लगता है


कैसी है बबासी ये
कैसा है करार
मुझे तुमसे बस तुमसे है प्यार
कैसी ये आस है
कैसी है ये प्यास
मुझे हर पल तेरा ही
तेरा है एहसास
छु लो इन हाथों को
कह दो इन साँसों को

बस इतनी जो बात
अच्छा लगता है
मुझे तेरा -हाँ तेरा साथ
अच्छा लगता है