मन मारा रे .......
मन मारा, मन मारा रे
मन मारा , मन मारा रे
कई बार, हर बार मारा रे
मन मारा . मन मारा रे
मैंने तो सुनी सबकी
मेरे मन की कोई न जाना रे
मन मारा , मन मारा रे
जिंदा हूँ मौत को लिए
चल रहा रात को लिए
जिन राहों पे
उन राहों में ही
हूँ हारा रे
मन मारा , मन मारा रे
कई बार, हर बार है मारा रे
मन मारा, मन मारा रे
खुशियाँ है बस तेरी याद
बाक़ी ज़िन्दगी है बर्बाद
कही थी जो मैंने भी चिलाकर
मन की अपनी बात
न तुने जाना,
न जग ये माना रे
मन मारा , मन मारा रे
मन मारा, मन मारा रे
कई बार, हर बार मारा रे

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